1 दिसंबर, 2022 को, भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने ‘डिजिटल रुपया – रिटेल सेगमेंट (e₹-R)’ नामक रिटेल डिजिटल मुद्रा/रुपये पर अपना पायलट लॉन्च किया, एक केंद्रीय बैंक डिजिटल मुद्रा (CBDC) जो संप्रभु मुद्रा का एक इलेक्ट्रॉनिक रूप है।।

आ गया आम आदमी के लिए Digital Rupee, 1 दिसंबर को होगा लॉन्च, जानें- कैसे करेंगे आप इस्तेमाल!

भारतीय रिजर्व बैंक एक दिसंबर से पहला रिटेल डिजिटल रुपया लॉन्च करने जा रहा है. यह रिटेल डिजिटल करेंसी के लिए पहला पायलट प्रोजेक्ट होगा. इसका इस्तेमाल लेन-देन के लिए किया जा सकता है. इससे पहले होलसेल ट्रांजेक्शन के लिए इसे लॉन्च किया गया था.

रिटेल डिजिटल रुपये की लॉन्चिंग.

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 29 नवंबर 2022,
  • (अपडेटेड 29 नवंबर 2022, 4:41 PM IST)

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) एक दिसबंर से रिटेल डिजिटल रुपये (Digital Rupee) लॉन्च करने की घोषणा की है. रिटेल डिजिटल करेंसी के लिए ये पहला पायलट प्रोजेक्ट होगा. पायलट डिजिटल मुद्रा ऋण के दौरान डिजिटल रुपये का निर्माण, डिस्ट्रीब्यूशन, और रिटेल इस्तेमाल की पूरी प्रक्रिया की टेस्टिंग की जाएगी. इससे पहले केंद्रीय बैंक ने एक नवंबर को होलसेल ट्रांजैक्शन के लिए डिजिटल रुपये को लॉन्च किया था.

चुनिंदा लोकेशन पर रोलआउट

रिजर्व बैंक के इस डिजिटल करेंसी को सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी (CBDC) नाम दिया गया है. एक दिसंबर से इसका रोलआउट देश के चुनिंदा लोकेशन पर किया जाएगा, जिसमें कस्टमर से लेकर मर्चेंट तक को शामिल किया जाएगा.

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लेन-देन के लिए कर सकते हैं इस्तेमाल

ई-रुपी (e₹-R) डिजिटल टोकन का काम करेगा. सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी (CBDC) भारतीय रिजर्व बैंक की तरफ से जारी किए जाने वाले करेंसी नोटों का डिजिटल स्वरूप है. ये करेंसी नोटों की तरह ही पूरी तरह वैध और मान्य है. इसका इस्तेमाल लेन-देन के लिए किया जा सकता है.

कैसे किया जाएगा इस्तेमाल

e₹-R का डिस्ट्रीब्यूशन बैंकों के माध्यम से किया जाएगा. डिजिटिल वॉलेट के माध्यम से व्यक्ति-से-व्यक्ति या व्यक्ति-से-मर्चेंट के बीच लेन देन किया जा सकता है. रिजर्व बैंक के अनुसार, यूजर्स मोबाइल फोन या डिवाइस में स्टोर बैंकों के डिजिटल वॉलेट से डिजिटल रूपी के जरिए लेन-देन कर पाएंगे. अगर आपको किसी दुकानदार को डिजिटल रूपी में भुगतान करना है, तो मर्चेंट के पास दिख रहे क्यूआर (QR) कोड्स के जरिए किया जा सकता है.

आठ बैंक होंगे शामिल

इस पायलट प्रोजेक्ट में भाग लेने के लिए आठ बैंकों की पहचान की गई है. लेकिन पहले चरण की शुरुआत देश भर के चार शहरों में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, आईसीआईसीआई बैंक, यस बैंक और आईडीएफसी फर्स्ट बैंक के माध्यम से होगी. इसके बाद बैंक ऑफ बड़ौदा, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, एचडीएफसी बैंक और कोटक महिंद्रा बैंक को इस पायलट प्रोजेक्ट में शामिल किया जाएगा.

कागजी नोटों के बराबर ही वैल्यू

इसकी वैल्यू कागजी नोटों के बराबर ही होगी. अगर आप चाहें तो इसे देकर कागजी नोट भी हासिल कर सकते हैं. रिजर्व बैंक ने डिजिटल करेंसी को दो कैटेगरी CBDC-W और CBDC-R में बांटा है. CBDC-W मतलब होलसेल करेंसी और CBDC-R का मतलब रिटेल करेंसी से है. भारत की इकोनॉमी को डिजिटल रूप में विकसित करने की दिशा में इस रिजर्व बैंक के इस कदम को अहम माना जा रहा है.

डिजिटल करेंसी वालो के लिए आयी खुशखबरी , RBI ने किया बड़ा ऐलान

डिजिटल करेंसी वालो के लिए आयी खुशखबरी : भारतीय रिजर्व बैंक ने देश में अपनी पहली डिजिटल मुद्रा लाना शुरू कर दिया है। डिजिटल करेंसी कहे जाने वाले इस वर्चुअल मनी को स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, आईसीआईसीआई बैंक, आईडीएफसी फर्स्ट बैंक और एचडीएफसी बैंक जैसे बैंकों के साथ रिटेल पायलट प्रोजेक्ट के रूप में चलाया जाएगा।

सीबीडीसी, भारतीय रिजर्व बैंक की डिजिटल मुद्रा, एक कानूनी है। इसे डिजिटल रूप में जारी किया जाएगा। यह अभी उपयोग में आने वाले रुपये के समान है, अंतर केवल इतना है कि इसे डिजिटल प्रारूप में जारी किया जाएगा।

जल्द शुरू होगा पायलट प्रोजेक्ट

सीबीडीसी का एक पायलट प्रोजेक्ट कुछ दिन पहले शुरू किया गया था और इसके अनुभव को ध्यान में रखते हुए अब खुदरा निवेशकों के लिए एक पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया जा रहा है। भारतीय रिजर्व बैंक ने जानकारी देते हुए कहा है कि सीबीडीसी लोगों के लिए भौतिक नकदी का एक सुरक्षित, व्यापक और आसान विकल्प साबित हो सकता है। डिजाइन की पसंद के अनुसार, यह अंतिम लेनदेन के लिए एक प्रारूप बन सकता है।

डिजिटल मुद्रा ऋण

RBI ने चार शहरों में ‘डिजिटल रुपया-रिटेल सेगमेंट (e₹-R)’ लॉन्च किया; 1.71 करोड़ रुपये जारी किए

e-Rupee RBI creates Rs 1.71 crore of digital currency for retail pilot - Copy

1 दिसंबर, 2022 को, भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने ‘डिजिटल रुपया – रिटेल सेगमेंट (e₹-R)’ नामक रिटेल डिजिटल मुद्रा/रुपये पर अपना पायलट लॉन्च किया, एक केंद्रीय बैंक डिजिटल मुद्रा (CBDC) जो संप्रभु मुद्रा का एक इलेक्ट्रॉनिक रूप है।।

  • इस संबंध में, RBI ने भाग लेने वाले चार बैंकों को उनके मांगपत्र के आधार पर 1.71 करोड़ रुपये जारी किए।

पायलट कवरेज और भाग लेने वाले बैंक:

i. डिजिटल रुपये के रिटेल पायलट में, मुंबई (महाराष्ट्र), नई दिल्ली (दिल्ली), बेंगलुरु (कर्नाटक), और भुवनेश्वर (ओडिशा) के चार शहरों में चरण-वार भागीदारी के लिए 8 बैंकों की पहचान की गई है।

  • यह बंद उपयोगकर्ता समूहों (CUG) में चुनिंदा स्थानों को कवर करेगा जिसमें ग्राहक और व्यापारी दोनों शामिल होंगे।

ii. पहले चरण में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI), ICICI बैंक , YES बैंक और IDFC FIRST बैंक समेत चार बैंक हिस्सा लेंगे।

  • चार और बैंक अर्थात बैंक ऑफ बड़ौदा, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, HDFC बैंक और कोटक महिंद्रा बैंक बाद में इस पायलट में शामिल होंगे।

iii. पायलट बाद में अहमदाबाद (गुजरात), गंगटोक (सिक्किम), गुवाहाटी (असम), हैदराबाद (तेलंगाना), इंदौर (मध्य प्रदेश), कोच्चि (केरल), लखनऊ (उत्तर प्रदेश), पटना (बिहार) और शिमला (हिमाचल प्रदेश)तक विस्तारित किया जाएगा।

रिटेल डिजिटल रुपया भुगतान और निपटान के लिए सुरक्षित धन तक पहुंच प्रदान कर सकता है क्योंकि यह RBI की प्रत्यक्ष देनदारी है। इसे बैंकों के साथ जमा धन के अन्य रूपों में परिवर्तित किया जा सकता है। रिटेल डिजिटल रुपये पर कोई ब्याज नहीं मिलेगा।

i. RBI ने e₹-R के लिए एक टोकन-आधारित दो-स्तरीय आर्किटेक्चर मॉडल प्रस्तावित किया। इसमें टोकन प्राप्त करने वाला व्यक्ति सत्यापित करेगा कि टोकन का उसका स्वामित्व वास्तविक है।

ii. RBI e₹-R जारी करेगा और रिडीम करेगा जबकि वितरण और भुगतान सेवाएं बैंकों को सौंपी जाएंगी।

iii. यह मॉडल वर्तमान भौतिक मुद्रा प्रबंधन प्रणाली के समान है जिसमें बैंक जनता को नोटों के वितरण, खाता रखने, नो योर कस्टमर (KYC) और एंटी-मनी लॉन्ड्रिंग से संबंधित आवश्यकताओं का पालन करने और वित्तपोषण के आतंकवाद (AML / CFT) जांच, लेनदेन सत्यापन आदि का मुकाबला करने जैसी गतिविधियों का प्रबंधन करते हैं।

iv. e₹-R उसी मूल्यवर्ग में जारी किया जाएगा जो वर्तमान में कागजी मुद्रा और सिक्के जारी किए जाते हैं।

  • उपयोगकर्ता भाग लेने वाले बैंकों द्वारा पेश किए गए और मोबाइल फोन या उपकरणों पर संग्रहीत डिजिटल वॉलेट के माध्यम से e₹-R के साथ लेनदेन करने में सक्षम होंगे।

v. e₹-R का उपयोग व्यक्ति-से-व्यक्ति (P2P) और डिजिटल मुद्रा ऋण व्यक्ति-से-व्यापारी (P2M) लेनदेन दोनों के लिए किया जा सकता है।

केंद्र सरकार ने केंद्रीय बजट 2022 में FY2022-23 के बाद से डिजिटल रुपये की शुरुआत की घोषणा की। CBDC का उद्देश्य पैसे के मौजूदा रूपों को बदलने के बजाय पूरक करना है।

हाल के संबंधित समाचार:

i. 2 सितंबर 2022 को, RBI ने किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) ऋण देने के एंड-टू-एंड डिजिटलीकरण के लिए पायलट लॉन्च किया। यह परियोजना रिज़र्व बैंक इनोवेशन हब (RBIH) द्वारा RBI के सहयोग से विकसित की गई थी।

ii. भारतीय रिजर्व डिजिटल मुद्रा ऋण बैंक ने रुपया आहरण व्यवस्था (RDA) के तहत प्राप्त विदेशी आवक प्रेषण को शर्तों के अधीन भारत बिल भुगतान प्रणाली (BBPS) के माध्यम से बिलर (लाभार्थी) के KYC (नो योर कस्टमर) अनुपालन बैंक खाते में स्थानांतरित करने की अनुमति देने का निर्णय लिया। डिजिटल मुद्रा ऋण इस प्रकार, इसने BBPS को सीमा-पार आवक प्रेषणों को संसाधित करने की अनुमति दी है।

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के बारे में:

स्थापित– 1 अप्रैल 1935
मुख्यालय– मुंबई, महाराष्ट्र
राज्यपाल– शक्तिकांत दास
उप राज्यपाल– महेश कुमार जैन, माइकल देवव्रत पात्रा, M. राजेश्वर राव, T. रबी शंकर

भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा डिजिटल रुपये के पायलट लॉन्च का कैट ने स्वागत किया

व्यापारियों के बीच डिजिटल रुपये को बढ़ावा देने के लिए कैट राष्ट्रव्यापी अभियान शुरू करेगा

जमशेदपुर । खुदरा स्तर पर डिजिटल मुद्रा शुरू करने का भारतीय रिजर्व बैंक का निर्णय एक स्वागत योग्य कदम है और कंफेडरेशन ऑफ आल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) जल्द ही व्यापार में भुगतान के तरीके के रूप में डिजिटल रुपये को अपनाने और स्वीकार करने के लिए व्देश भर के व्यापारिक समुदाय के बीच एक राष्ट्रव्यापी आंदोलन शुरू करेगा। – ये कहते हुए कैट के राष्ट्रीय सचिव सुरेश सोन्थलिया ने कहा की डिजिटल रुपया भारत में व्यापार और वाणिज्य में भुगतान परिदृश्य को बदल देगा।

सोन्थलिया ने कहा कि यह भारतीय अर्थव्यवस्था को जमीनी स्तर से बढ़ावा देगा। भारतीय अर्थव्यवस्था उपभोग आधारित है। खुदरा विक्रेता और उपभोक्ता अर्थव्यवस्था में राजा हैं। भारतीय अर्थव्यवस्था बहुत बड़ी है लेकिन खुदरा स्तर पर नकद मुद्रा के उपयोग के कारण व्यापार कॅश करेंसी का एक बड़ा हिस्सा है जो बेहिसाब रह जाता है। डिजिटल मुद्रा की शुरुआत के साथ, प्रत्येक लेनदेन भारतीय रिजर्व बैंक की पुस्तकों और भारत सरकार के रिकॉर्ड में दर्ज किया जाएगा। हम दुनिया की सबसे बड़ी घरेलू अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने में सक्षम होंगे। हमारे देश में खुदरा बाजार का सटीक आकार रिकॉर्ड किए गए लेन-देन से प्रमाणित होगा

कैट ने कहा की डिजिटल करेंसी डिजिटल इंडिया की स्वीकार्यता के प्रसार में मदद करेगी। खुदरा कारोबार की वास्तविक गरणा प्राप्त करने से, भारतीय रिजर्व बैंक और साथ ही भारत सरकार व्यापारी और उपभोक्ता अनुकूल नीतियां बनाने की स्थिति में होगी।

सोन्थलिया ने कहा कि प्रमाणित बिक्री कारोबार डेटा के अभाव में खुदरा व्यापारी बैंकों से ऋण प्राप्त करने में असमर्थ हैं। डिजिटल मुद्रा की शुरूआत के साथ खुदरा विक्रेता के वास्तविक कारोबार को बैंकों से बेहतर ऋण प्राप्त करने के लिए डिजिटल लेनदेन द्वारा प्रमाणित किया जाएगा।
कैट ने आगे कहा कि रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया को मुद्रा की छपाई और वितरण में करोड़ों रुपये खर्च करने पड़ते हैं। डिजिटल करेंसी से भारतीय रिजर्व बैंक को भारी बचत होगी। डिजिटल करेंसी इको फ्रेंडली भी है। कागजी मुद्रा की छपाई के लिए इस्तेमाल होने वाले कागज की बचत होगी। कागज के लिए पेड़ों की कटाई कम होगी। रासायनिक रंगों के कम प्रयोग से पर्यावरण संरक्षण होगा। डिजिटल करेंसी से सॉफ्टवेयर उद्योग विकसित करने में मदद मिलेगी। इससे लाखों युवाओं को रोजगार मिलेगा। जल्द ही हम डिजिटल इंडिया को व्यावहारिक रूप से लागू और स्वीकार करते हुए देखेंगे। माननीय प्रधानमंत्री जी का सपना साकार होगा।

आईटी उत्पादों, सॉफ्टवेयर और डिजिटल उद्योग से जुड़े अन्य उत्पादों की बहुत मांग होगी। भारत दुनिया का सबसे युवा देश बनने जा रहा है। देश का युवा तकनीक के साथ चलता है। सरकार भारत के लोगों को डिजिटल तकनीक की ओर ले जा रही है। डिजिटल उत्पादों के लिए विशाल बाजार निकट है।

भारत नवीन विचारों वाले युवाओं का देश है। हम बाजारों में आने वाले स्टार्ट अप में अत्यधिक वृद्धि देखेंगे। जिसके फल स्वरुप रोजगार चाहने वाले अब रोजगार देने वाले बनेंगे।

अब भूल जाइए नकद लेनदेन, कल से डिजिटल करेंसी में होंगे ट्रांजेक्शन, जानिए कैसे करेगी काम

डिजिटल मुद्रा के खुदरा पायलट परीक्षण एक दिसंबर को शुरू किया जाएगा। इसमें ग्राहक एवं बैंक दोनों शामिल होंगे।

नईदिल्ली। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने 1 दिसम्बर से रिटेल डिजिटल रुपये का पहला पायलट प्रोजेक्ट शुरू करने की घोषणा कर दी है। जिसमें सार्वजनिक एवं निजी क्षेत्र के चार बैंक शामिल होंगे।फिलहाल ये प्रोजेक्ट देश के चार महानगरों मुंबई, दिल्ली, बेंगलुरु और भुवनेश्वर में लॉन्च होगी। इसके बाद इसे नौ अन्य शहरों में शुरू किया जाएगा।इससे पहले 1 नवंबर 2022 को रिजर्व बैंक थोक सेगमेंट में डिजिटल रुपये का पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया था।

आरबीआई ने मंगलवार को जारी एक बयान में कहा कि डिजिटल मुद्रा के खुदरा उपयोग संबंधी पायलट परीक्षण एक दिसंबर को चुनिंदा जगहों पर शुरू किया जाएगा। इसमें ग्राहक एवं बैंक मर्चेंट दोनों शामिल होंगे। रिजर्व बैंक इससे पहले डिजिटल रुपये के थोक खंड का पहला पायलट परीक्षण एक नवंबर को पूरा कर चुका है।रिजर्व बैंक के मुताबिक इलेक्ट्रॉनिक रुपया एक डिजिटल टोकन के स्वरूप में वैध मुद्रा होगी। इसको इस समय जारी होने वाली कागजी मुद्रा एवं सिक्कों के मौजूदा आकार में जारी किया जाएगा।

डिजिटल रुपया परंपरागत नकद मुद्रा की ही तरह धारक के लिए भरोसा, सुरक्षा एवं अंतिम समाधान की खूबियों से लैस होगा। नकदी की ही तरह डिजिटल रुपया के धारक को किसी तरह का ब्याज नहीं मिलेगा, लेकिन इसे बैंकों के पास जमा के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है।आरबीआई के मुताबिक डिजिटल रुपये के खुदरा उपयोग के इस परीक्षण में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) और आईसीआईसीआई बैंक समेत चार बैंक शामिल होंगे। डिजिटल रुपये का ये परीक्षण दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु और भुवनेश्वर में होगा।

कैसे करेगा काम -

रिजर्व बैंक द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, डिजिटल रुपया ब्लॉकचेन जैसी तकनीक पर आधारित मुद्रा होगी। जोकि नकद की तरह इलेक्ट्रॉनिक रूप में काम करेगी। वर्तमान में जैसे आप कैश ट्रांजेक्शन करते है, ठीक उसी तरह आप इलेक्ट्रॉनिक ट्रन्जेक्शन कर सकेंगे। ये काफी हद तक बिटकॉइन की करेगी।

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