दुनिया भर में निवेशकों के बीच बिटक्वाइन (BitCoin) जैसी क्रिप्टो करेंसी में निवेश को लेकर आकर्षण बढ़ रहा है.

क्रिप्टोकरेंसी या बिटकॉइन को कौन

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Step 2. Choose the platform

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Step 3. Make your first deposit

Once your email and identity are verified, you can add funds to your trading account. Don’t forget that adding funds allows you to get a 50% deposit bonus and maximise your potential profit.

Step 4. Download the crypto trading system

Download the appropriate desktop क्रिप्टोकरेंसी या बिटकॉइन को कौन or mobile MetaTrader app, and sign in with your trading account number, which you have received after the account registration in steps 1 and 2.

Step 5. Add cryptocurrencies to the asset lists

In order to start trading cryptocurrencies within the MetaTrader systems, you need to add them into the asset list:

Desktop: right-click on Market Watch and select Show All

Mobile: press +, select Crypto, and then choose the currencies you want to trade.

What you need to know about trading cryptocurrency

Trading cryptocurrency pairs don't require any specific knowledge. It's not that different from trading Forex, commodity, or other markets. Despite the asset's unusual nature, the crypto price rises and falls just like any other currency, stock, or commodity. As the crypto market is also affected by predictable external factors, you have the opportunity to make a substantial profit.

You can trade bitcoin, Ethereum, Litecoin, Bitcoin Cash, Ripple, and 25 other pairs with us 24/7. However, there is server maintenance when trading is unavailable from 12:00 a.m to 2:00 a.m. on Saturday and 3:30 a.m. to 4:00 a.m. on Sunday. In addition, you'll be able to get our free trading signals plugin that offers detailed technical analysis and some of the best crypto price predictions in the market.

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How to predict the biggest cryptocurrencies’ price

So now that you’re fully briefed on trading cryptocurrencies, it’s time to learn more about the currencies we offer.


Bitcoin is the first digital currency, created back in 2009. Bitcoin is one of the most volatile and popular instruments among cryptocurrencies.

Bitcoin Cash

Bitcoin Cash, a fork of Bitcoin, is an altcoin that was issued in 2017. Intraday traders usually focus on Bitcoin Cash during the Tokyo and London trade sessions, when it’s most volatile.


Ethereum is a system that supports smart contract technologies to invest in the ICOs of new start-up companies. The more start-ups are interested in Ethereum, the more expensive it becomes. Technical analysis figures work well with Ethereum.


Litecoin was first issued in 2011 and is quite similar to Bitcoin. The Litecoin price greatly depends on Bitcoin. That makes it possible to use the pairs with Bitcoin as the main currency to successfully forecast Litecoin changes.


Ripple, often referred to as XRP, was released in 2012 and since then it became one of the largest cryptocurrencies. It demonstrates decent volatility, which attracts many day traders.

Bitcoin का मालिक कौन है और बिटकॉइन किस देश की करेंसी है

bitcoin ka malik kaun hai

चलिए जानते है Bitcoin का मालिक कौन है और बिटकॉइन किस देश की करेंसी है. इसका नाम तो आपने काफी बार सुना होगा जिसमे से बहुत से लोग इसके बारे में भलीभांति जानते भी है परन्तु कुछ लोग इस करेंसी को लेकर काफी कंफ्यूज है उनकों इसके बारे में यह समझ में नहीं आ रहा है की ये असल में है क्या तो आज आपको इससे रिलेटेड सारी जानकारी देंगे.

हर देश की एक अलग जिसे उस देश में खरीददारी के लिए इस्तेमाल किया जाता है लेकिन कुछ ऐसी भी मुद्रा है जिसके जरिये किसी भी देश में लेनदेन कर सकते है ठीक उसी प्रकार बिटकॉइन है लेकिन यह एक ऐसी मुद्रा है जिसे ना तो हम देख सकते है और ना ही उसे छू सकते है क्योंकि यह एक डिजिटल करेंसी है. जो Peer to Peer सिक्योर नेटवर्क के जरिये लेनदेन किया जाता है.

इस क्रिप्टोकरेंसी या बिटकॉइन को कौन मुद्रा को ऑनलाइन वॉलेट के माध्यम से ख़रीदा जा जाता है जिस तरह पेटीएम में मनी लोड करते है ठीक उसी तरह उसे भी डिजिटल वॉलेट के माध्यम से लोड किया जा सकता है यानि ख़रीदा जा सकता उसके बाद इसका यूज़ ऑनलाइन लेनदेन के लिए कर सकते है.

काफी लोग Bitcoin में इन्वेस्ट भी करते है क्योंकि इसका रेट हर दिन घटता बढ़ता रहते है इसलिए जब इसका रेट कम होता है तो क्रिप्टोकरेंसी या बिटकॉइन को कौन बिटकॉइन को खरीद लेते है और जब इसका रेट बढ़ता है तो इसे सेल कर देते है ये सारा काम ऑनलाइन प्लेटफार्म के जरिये किया जाता है. इसके लिए काफी सारे प्लेटफार्म है जिसमे सबसे पॉपुलर Zebpay क्रिप्टोकरेंसी या बिटकॉइन को कौन है जिसके जरिये बिटकॉइन को ऑनलाइन ख़रीदा या बेचा जा सकता है.

Bitcoin का मालिक कौन है

बिटकॉइन का ऑथर Satoshi Nakamoto है. वैसे इसका कोई एक व्यक्ति मालिक नहीं है क्योंकि यह एक ओपन सोर्से डीसेण्ट्रलाइज डिजिटल करेंसी है इसे सातोशी का नाम दिया गया है. और यह एक इलेक्ट्रॉनिकली स्टोर रहने वाली मुद्रा है जिसे किसी डिजिटल वॉलेट के माध्यम से स्टोर करके रखा जा सकता है. लोग Bitcoin एक व्यवसाय के रूप में भी इस्तेमाल करते है शुरुआती दिनों में इसका रेट काफी कम था उस समय बहुत से लोगों ने इसमें इन्वेस्ट किया और जब बिटकॉइन के मूल्य में बढ़ोतरी हुई तो लोगों ने इसे सेल करके काफी अच्छा मुनाफा कमाया था.

अब बिटकॉइन का रेट काफी बढ़ चूका है यदि इस समय Bitcoin के मूल्य की बात करे तो भारतीय रुपए में 1 बिटकॉइन का रेट 25,45,947 है. कुछ ऐसी वेबसाइट भी है जिसके जरिये माइनिंग करके बिटकॉइन बनाये जा सकते है ये साइटें कम्प्यूटर पॉवर के जरिये एक ट्रांजैक्शन प्रोसेस करती है जिससे Bitcoin का निर्माण होता है. Bitcoin Mining करने के बाद वॉलेट में भी ले क्रिप्टोकरेंसी या बिटकॉइन को कौन सकते है.

बिटकॉइन किस देश की करेंसी है

इसे बनाने वाले व्यक्ति जापान के नागरिक है परन्तु बिटकॉइन को आमतौर पर किसी एक देश की करेंसी नहीं कहा जा सकता है क्योंकि यह एक डिजिटल करेंसी है और इसे हर कोई व्यक्ति ऑनलाइन खरीद या बेच सकता है या ऑनलाइन इस्तेमाल कर सकता है. Bitcoin की शुरुआत 3 जनवरी 2009 में सातोशी नकामोतो नामक व्यक्ति द्वारा की गई थी. इनका जन्म 5 अप्रैल 1975 को जापान में हुआ था.

आशा करती हूँ की आपको मेरे द्वारा दी गई जानकारी अच्छी लगी होगी और अब आपको पता चल गया होगा की Bitcoin का मालिक कौन है और बिटकॉइन किस देश की करेंसी है. इसका मुख्य Symbol – ₿ ये है और इसे BTC के नाम से भी जाना जाता है.

नोट: भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा बिटकॉइन को अधिकारिक अनुमति नहीं दी है एक प्रेस के जरिये चेतावनी देते हुए कहा है की इसका लेनदेन जोखिम हो सकता है.

बड़ी दिलचस्प है लोगों को अर्श से फर्श तक पहुंचाने वाली Bitcoin की कहानी, जानें क्या है क्रिप्टोकरेंसी का गणित

बिटकॉइन, क्रिप्टोकरेंसी, ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी, अगर ये सारे शब्द आपके दिमाग के ब्रह्माण्ड में भी गोते लगा रहे हैं और आप इसके बारे में जानना चाहते हैं तो यहां आपको सारी जानकारी मिल जाएगी.

बड़ी दिलचस्प है लोगों को अर्श से फर्श तक पहुंचाने वाली Bitcoin की कहानी, जानें क्या है क्रिप्टोकरेंसी का गणित

टेस्ला के मालिक एलन मस्क कभी एक ट्वीट के बिटकॉइन के रेट अर्श पर पहुंचा देते हैं तो कभी दूसरे ट्वीट से फर्श पर ला पटकते हैं. यही कारण है कि हाल ही में उनके खिलाफ क्रिप्टोकरेंसी भी लॉन्च कर दी गई है. क्या आपने कभी सोचा है कि आखिर में क्रिप्टोकरेंसी या बिटकॉइन को कौन बिटकॉइन और क्रिप्टोकरेंसी ऐसी क्या चीज है जिसकी कीमत लॉन्च होते समय मात्र एक डॉलर (उस समय लगभग 50 रुपये) की थी और अब यह 50 लाख की वैल्यू रखता है. क्या आपके दिमाग में भी यह सवाल आते हैं कि आखिर में यह कौन सी टेक्नोलॉजी है जिससे कुछ दिनों में ही लाखों का फायदा होता है और चंद घंटों में सब डूब भी जाता है.

अगर क्रिप्टोकरेंसी के इस किस्से को सुन सुनकर आपका भी दिमाग मेरे जैसे चकरा रहा हो. बिटकॉइन, क्रिप्टोकरेंसी, ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी, अगर ये सारे शब्द आपके दिमाग के ब्रह्माण्ड में भी गोते लगा रहे हैं और तब भी आपको कुछ समझ नहीं आ रहा कि इसका ओर-छोर कहां है? तो चलिए एक छोटी सी कोशिश करते हैं इस उड़ती चिड़िया के पर गिनने की..

ऐसे हुआ बिटकॉइन का जन्म

शुरू से शुरू करते हैं और चलते हैं 2009 में जब दुनिया के सामने पहली बार बिटकॉइन नाम की पहेली आई. किसी को इस बारे में कुछ भी पता नहीं था कि आखिर ये है क्या. इससे पहले कि मैं आपको बिटकॉइन समझाऊं, आपको पहले क्रिप्टोकरेंसी को समझना होगा. क्रिप्टो ग्रीक भाषा का एक शब्द है जिसका मतलब होता है सीक्रेट यानी गुप्त और करेंसी का मतलब तो आप जानते ही हैं, ‘मुद्रा’. यानी वो गुप्त मुद्रा जिसके बारे में किसी को पता ना हो. तो बिटक्वाइन वहीं गुप्त मुद्रा यानी क्रिप्टोकरेंसी या वर्चुअल करेंसी है जो केवल एक तकनीक का कमाल है लेकिन भौतिक तौर पर उपलब्ध नहीं है. इसको और अच्छे ढंग से कहें तो ये बिल्कुल उस भगवान की तरह है जिसको हम सब मानते हैं कि वो है, उसकी खूब पूजा आरती करते हैं लेकिन असल में आज तक भगवान को किसी ने नहीं देखा. मैंने तो नहीं देखा, आपने देखा क्या?


इसकी कहानी 2008 के अमेरिकी वित्तीय संकट से शुरू हुई थी, जिसने पूरी दुनिया को अपनी गिरफ्त में ले लिया था. इस संकट की वजह से कुछ समय के लिए लोगों का बैंकों समेत वित्तीय संस्थानों से भरोसा उठ गया था. इसी वजह से दुनिया की पहली आजाद करंसी बिटकॉइन वजूद में आई. कहते हैं कि 2009 में जापान के एक वैज्ञानिक सातोषी नाकामोतो ने बिटकॉइन का अविष्कार किया था लेकिन इस बात का कोई पुख्ता प्रमाण आज तक नहीं मिला. कुछ लोगों के हिसाब से ये कोई एक शख्स नहीं बल्कि एक ग्रुप का नाम है जिसने इस नाम का कवर लिया हुआ है. अरे जैसे हॉलीवुड फिल्मों में होता है. नाम किसी का, काम किसी का. कुछ लोगों ने तो खुद के सातोषी होने का दावा किया लेकिन ये आज तक साबित नहीं हो पाया कि सातोषी नाकामोतो कोई है भी या नहीं..

कोई बैंक नहीं करता है इसको कंट्रोल

अब बारी है उस कमाल की तकनीक के बारे में जानने की जिसपर बिटकॉइन या दूसरी क्रिप्टो करेंसीज़ को बनाया गया है. इसका नाम है ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी. ब्लॉक और चेन, इसके नाम में ही सारा खेल है. ऐसे समझ लीजिए कि ये एक ऐसा डेटाबेस है जिसमें लाखों ब्लॉक्स यानी कंप्यूटर्स चेन यानी इंटरनेट नेटवर्क से जुड़े हुए हैं और उन सब में हर ट्रांजैक्शन का डेटा सेव है. यानी कोई एक शख्स, अथॉरिटी या सरकार उस को कंट्रोल नहीं कर सकती. कोई हैक नहीं कर सकता या कुछ बदलाव नहीं कर सकता. इसीलिए बिटकॉइन को इतना सेफ माना जाता है क्योंकि इसपर किसी का नियंत्रण नहीं. दूसरे शब्दों में कहें तो बिटकॉइन का आजाद होना ही इसकी सबसे बड़ी खूबी है. रुपये, डॉलर या यूरो की तरह इसे कोई सेंट्रल बैंक (जैसे भारत में आरबीआई और अमेरिका में फेडरल रिजर्व बैंक) नियंत्रित नहीं करता इसलिए इसका ट्रेल पता नहीं लगाया जा सकता. जैसे बैंक आपके किसी भी ट्रांजैक्शन का पता चुटकियों में लगा सकता है इसीलिए दुनिया भर में गैरकानूनी लेनदेन का ये एक अहम जरिया बन गया है. आज बिटकॉइन में फिरौती मांगा जाना कोई नई बात नहीं रही.

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बिटकॉइन में लेन-देन कोड के जरिये होता है. अगर आपको बिटकॉइन खरीदने हैं तो आपको उसकी कीज़ (कोड्स) मिलेंगी जिसे दुनिया भर में फैले नेटवर्क में वेरीफाई किया जाएगा. जब आपको बिटकॉइन को बेचना होगा तो उस कोड को बेचना होगा जो इस बार नया होगा. वैसे आजकल कई सारे एक्सचेंज के ऐप भी मार्केट में हैं जो कमीशन पर ये काम करते हैं.

भारत में भी चल रही है इसको लेकर तैयारी

दुनिया में अभी फिलहाल करीब 200 क्रिप्टोकरेंसी चल रही हैं जिसमें बिटकॉइन, लाइटकॉइन, इथेरियम, ज़ेडकैश, स्टेलर ल्यूमैन प्रमुख हैं.. दुनिया के कई देशों में क्रिप्टोकरेंसी को मान्यता मिली हुई है, लेकिन भारत में फिलहाल सरकार ने इसको मान्यता नहीं दे रखी है.. हालांकि सरकार के अंदर इसको लेकर मंथन जारी है. वित्त राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर इस विषय के एक्सपर्ट्स के साथ एक बैठक कर चुके है और जल्द ही इस अध्ययन करने के लिए एक एक्सपर्ट कमिटी बनाई जा सकती है.


अब अगर आप भी इसमें निवेश करने का मन बना रहे हैं तो पहले इसके बारे में और कुछ जानिये और फिर तय कीजिए कि आपको क्या करना है. दुनिया में सिर्फ 21 मिलियन बिटकॉइन ही माइन किए जा सकते हैं और फरवरी 2021 तक करीब साढ़े 18 मिलियन बिटकॉइन माइन किए जा चुके हैं और माना जा रहा है 2140 तक आखिरी बिटकॉइन माइन कर लिया जाएगा.

क्या थी बिटकॉइन की शुरुआती कीमत

अब बात इसकी कीमत और निवेश की सुरक्षा की करते हैं. इसमें निवेश की सुरक्षा की कोई गारंटी नहीं. पिछले कुछ दिनों में हम सबने अपनी आंखों के सामने होते देखा है. जहां कुछ दिनों पहले एक बिटकॉइन की कीमत भारतीय करेंसी में 50 लाख के करीब पहुंच गई थी और एलन मस्क के ट्वीट और फिर चीन के झटके के बाद फिलहाल 28 से 30 लाख रुपये के बीच है. वहीं मात्र 10 साल पहले 2011 में एक बिटकॉइन की कीमत 1 डॉलर थी यानी इस वक्त के हिसाब से करीब 50 रुपये के आस-पास थी.

Cryptocurrency: Bitcoin और क्रिप्टोकरेंसी या बिटकॉइन को कौन Ether में निवेशकों को मालामाल करने का कम्पटीशन! कौन सी करेंसी देगी सबसे ज्यादा रिटर्न?

Cryptocurrency: Bitcoin और Ether में निवेशकों को मालामाल करने का कम्पटीशन! कौन सी करेंसी देगी सबसे ज्यादा रिटर्न?

डीएनए हिंदी: हम सभी जानते हैं कि बिटकॉइन (Bitcoin) दुनिया की सबसे लोकप्रिय, पहली और सबसे पुरानी क्रिप्टोकरेंसी (Cryptocurrency) है. इसने साल 2009 से लेकर 2021 तक अपने न जाने कितने ही निवेशकों को करोड़पति बनाया है. हालांकि एक्सपर्ट्स की मानें तो इथर (Ether) पर नजर रखना निवेशकों के लिए ज्यादा फायदे का सौदा साबित हो सकता है. 2021 में क्रिप्टोकरेंसी के बाजार में भारी उथल-पुथल के बावजूद भी इसने बिटकॉइन से कहीं ज्यादा अच्छा प्रदर्शन किया और यह 2022 में भी बेहतर प्रदर्शन कर सकता है.

क्रिप्टोकरेंसी के मार्केट को क्यों बढ़ावा मिला?

मनी कंट्रोल के मुताबिक, अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव के दौरान क्रिप्टोकरेंसी के मार्केट में अस्थिरता आई जिससे इसके बाजार को बढ़ावा मिला. वहीं कोरोना के दूसरी लहर के दौरान भी इसमें वृद्धि देखी गई. बिटकॉइन काफी समय तक उभरते देशों के शेयर बाजारों और कमोडिटीज में महंगाई से जुड़े जोखिम को कम करने को लेकर एक पॉजिटिव आप्शन बना रहा. इसने करीब 6 महीनों में 516 पर्सेंट का रिटर्न दिया. हालांकि इसके बाद इसकी मोमेंटम में गिरावट दर्ज की गई.

इथर में वृद्धि की वजह

बहरहाल इस साल बिटकॉइन से ज्यादा लाभ एथेरियम नेटवर्क के टोकन इथर (Ether)में देखने को मिला. फाइनेंशियल कंपनियों के इथर कॉइन को ब्लॉकचेन तकनीक (blockchain technology) के तौर पर अपनाने और नॉन-फंजिबल टोकन (NFT) की लोकप्रियता बढ़ने से फायदा मिला है. अगर इथर (Ether) और बिटकॉइन (Bitcoin) की तुलना करें तो, इथर ने 2021 में जहां 413.63 पर्सेंट का रिटर्न दिया है, वहीं बिटकॉइन की कीमत में सिर्फ 62.29 फीसदी की तेजी दर्ज की गई.

हालांकि इन क्रिप्टो करेंसी ने भी काफी अच्छा प्रदर्शन किया और 2022 में और अच्छा मुनाफा दे सकते हैं.

Investment in Crypto Currencies: BitCoin में निवेश का स्टेपवाइज प्रॉसेस, इन तीन चार्जेज के बारे में भी जानकारी है जरूरी

Investing in Crypto Currencies: भारत में बिटक्वाइन जैसी क्रिप्टोकरेंसी में निवेश को लेकर निवेशक आकर्षित हुए हैं लेकिन अधिकतर के मन में यह सवाल रहता है कि इसकी शुरुआत कैसे की जाए.

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दुनिया भर में निवेशकों के बीच बिटक्वाइन (BitCoin) जैसी क्रिप्टो करेंसी में निवेश को लेकर आकर्षण बढ़ रहा है.

Investing in Crypto Currencies: भारत समेत दुनिया भर में निवेशकों के बीच बिटक्वाइन (BitCoin) जैसी क्रिप्टो करेंसी में निवेश को लेकर आकर्षण बढ़ रहा है. पिछले कुछ वर्षों में इसने निवेशकों को शानदार रिटर्न दिया है. क्रिप्टोकरेंसी एक प्रकार की वर्चुअल करेंसी है जिसे कंप्यूटर पर जटिल समीकरणों को हल कर माइन किया जाता है. इसे माइन करने वाले यानी माइनर्स को रिवार्ड के तौर पर क्रिप्टो करेंसी मिलती है लेकिन जिन्हें तकनीकी समझ नहीं है, वे भी क्रिप्टो क्रिप्टोकरेंसी या बिटकॉइन को कौन हासिल कर सकते हैं. जिस प्रकार कंपनी के शेयरों की बीएसई और एनएसई जैसे एक्सचेंजों पर खरीद-बिक्री होती है, वैसे ही क्रिप्टो एक्सचेंजों पर बिटक्वाइन जैसे क्रिप्टो की खरीद-बिक्री होती है यानी कि आपको अगर बिटक्वाइन में निवेश करना है तो किसी एक्सचेंज पर जाकर आसानी से इसमें पैसे लगा सकते हैं.

इस प्रकार कर सकते हैं क्रिप्टो में निवेश

क्रिप्टों में निवेश के लिए वजीरएक्स (WazirX), क्वाइनडेक्स (Coindex), जेबपे Zebpay, क्वाइनस्विच कुबेर (Coin Switch Kuber) और यूनोकॉइन UnoCoin जैसे एक्सचेंज हैं. क्रिप्टो में निवेश के लिए पहले आपको एक्सचेंज की साइट पर जाकर पर्सनल डिटेल्स के जरिए रजिस्ट्रेशन करना होगा.

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  • क्रिप्टो करेंसी की वेबसाइट पर जाकर साइन अप करिए.
  • फिर ई-मेल वेरिफिकेशन के बाद सिक्योरिटी पेज आएगा जिसमें ऐप, मोबाइल एसएमएस या कोई सिक्योरिटी विकल्प न चुनने का विकल्प आएगा.
  • सिक्योरिटी विकल्स को ओके करने के बाद देश चुनने और केवाईसी चुनने का विकल्प मिलेगा. केवाईसी के तहत पर्सनल और कंपनी में से किसी एक को चुनना होता है जो बाय डिफॉल्ट पर्सनल पर होता है.
  • केवाईसी के लिए अपनी व्यक्तिगत जानकारियां जैसे कि नाम, जन्म तिथि, पता, पैन कार्ड, आधार (ड्राइविंग लाइसेंस या पासपोर्ट) की डिटेल्स के साथ पैन कार्ड की फोटो, आधार कार्ड के फ्रंट व बैक साइड के साथ सेल्फी अपलोड करनी होती है.
  • अकाउंट वेरिफाई होने के बाद आप क्रिप्टो में खरीदारी कर सकते हैं और इसका भुगतान अपने बैंक खाते से करना होगा.

क्रिप्टो ट्रेडिंग पर ये हैं चार्जेज

  • एक्सचेंज फीस: क्रिप्टो खरीद या बिक्री ऑर्डर को पूरा करने के लिए एक्सचेंज फीस चुकानी होती है. भारत में अधिकतर क्रिप्टो करेंसी एक्सचेंज का फिक्स्ड फीस मॉडल है, लेकिन ट्रांजैक्शन की फाइनल कॉस्ट उस प्लेटफॉर्म पर निर्भर होती है जिस पर ट्रांजैक्शन पूरा हुआ है. ऐसे में इसे लेकर बेहतर रिसर्च करनी चाहिए कि कौन सा क्रिप्टो करेंसी एक्सचेंज सबसे कम ट्रांजैक्शन फीस ले रहा है. फिक्स्ड फीस मॉडल के अलावा क्रिप्टो एक्सचेंज में मेकर-टेकर फी मॉडल भी है. क्रिप्टो करेंसी बेचने वाले को मेकर कहते हैं और इसे खरीदने वाले को टेकर कहते हैं. इस मॉडल के तहत ट्रेडिंग एक्टिविटी के हिसाब से फीस चुकानी होती है.
  • नेटवर्क फीस: क्रिप्टोकरेंसी माइन करने वालों को नेटवर्क फीस चुकाई जाती है. ये माइनर्स शक्तिशाली कंप्यूटर्स के जरिए किसी ट्रांजैक्शन को वेरिफाई और वैलिडेट करते हैं और ब्लॉकचेन में जोड़ते हैं. एक्सचेंज का नेटवर्क फीस पर सीधा नियंत्रण नहीं होता है. अगर नेटवर्क पर भीड़ बढ़ती है यानी अधिक ट्रांजैक्शन को वेरिफाई और वैलिडेट करना होता है तो फीस बढ़ जाती है. आमतौर पर यूजर्स को थर्ड पार्टी वॉलेट का प्रयोग करते समय ट्रांजैक्शन फीस को पहले से ही सेट करने की छूट होती है. लेकिन एक्सचेंज पर इसे ऑटोमैटिक एक्सचेंज द्वारा ही सेट किया जाता है ताकि ट्रांसफर में कोई देरी न हो. जो यूजर्स अधिक फीस चुकाने के लिए तैयार हैं, उनका ट्रांजैक्शन जल्द पूरा हो जाता है और जिन्होंने फीस की लिमिट कम रखी है, उनके ट्रांजैक्शन पूरा होने में कुछ समय लग सकता है. माइनर्स को इलेक्ट्रिसिटी कॉस्ट और प्रोसेसिंग पॉवर के लिए यह फीस दी जाती है.
  • वॉलेट फीस: क्रिप्टो करेंसी को ऑनलाइन बैंक खाते के समान एक डिजिटल वॉलेट में रखा जाता है. अधिकतर वॉलेट में क्रिप्टो करेंसी के डिपॉजिट और स्टोरेज पर कोई फीस नहीं ली जाती है, लेकिन इसे निकालने या कहीं भेजने पर फीस चुकानी होती है. यह मूल रूप से नेटवर्क फीस है. अधिकतर एक्सचेंज इन-बिल्ट वॉलेट की सुविधा देते हैं. क्रिप्टो वॉलेट्स सिस्टमैटिक क्रिप्टो करेंसी खरीदने का विकल्प देते हैं और इसके इंटीग्रेटेड मर्चेंट गेटवे के जरिए स्मार्टफोन व डीटीएस सर्विसेज को रिचार्ज कराया जा सकता है.

(यहां दी गई जानकारी एक्सचेंजों की वेबसाइट से ली गई है. निवेश शुरू करने की जो प्रक्रिया है, वह अलग-अलग एक्सचेंज पर थोड़ी भिन्न हो सकती है. लेख के जरिए आपको निवेश की कोई सलाह नहीं दी जा रही है और यह महज जानकारी के लिए है. क्रिप्टोकरेंसी में निवेश से पहले अपने सलाहकार से जरूर संपर्क कर लें.)

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